24 जनवरी: आज के ही दिन भारत को मिला था अपना राष्ट्रगान ‘जन गण मन’

24 जनवरी के दिन नोबेल पुरस्कार विजेता रविन्द्र नाथ टैगोर जी के द्वारा रचित जन गण मन को भारत के राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया था।

भारत का राष्ट्रगान जन गण मन जो कि मूलतः बांग्ला भाषा में लिखा गया था जिसे भारत सरकार द्वारा 24 जनवरी 1950 को इसके हिंदी संस्करण को भारत के राष्ट्रगान रूप में स्वीकृत किया गया।

जन गण मन कब और क्यों लिखा गया

दरअसल ‘जन मन गण’ को लेकर अक्सर कहा जाता है कि रवींद्रनाथ टैगोर ने यह गीत इंग्लैंड के तत्कालीन राजा जॉर्ज पंचम के सम्मान में लिखा था।इस गीत में ‘अधिनायक’ और ‘भारत भाग्य विधाता’ जैसे शब्दों का प्रयोग ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम की तारीफ़ करने के लिए प्रयोग किया गया था।

सबसे पहले किसने गाया था जन गण मन

जन गण मन को सबसे पहले इसके रचयिता रविंद्रनाथ टैगोर की भांजी और नोबेल पुरस्‍कार विजेता सरला ने गाया था. इसे 24 जनवरी 1950 को ‘राष्‍ट्रगान’ का दर्जा दिया गया. रविंद्रनाथ टैगोर ने वर्ष 1911 में जन गण मन की रचना की थी और इसी वर्ष इसे कांग्रेस के अधिवेशन में पहली बार गाया गया था.

राष्ट्रगान में कितने शब्द हैं

भारत का राष्ट्रगान एक बहुत ही छोटी रचना है जिसमें केवल बावन शब्द हैं । यह बहुत सरल और याद रखने में आसान है। इसे ई फ्लैट मेजर की कुंजी में गाया जाता है। इसकी अवधि लगभग बावन सेकंड है।

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में क्या अंतर है

राष्ट्रगान किसी देश का वह गीत होता है जो उस देश के सभी राष्ट्रीय महत्व के अवसरों पर अनिवार्य रूप से गाया जाता है जबकि राष्ट्र गीत हर उस अवसर पर गाना अनिवार्य नहीं होता । हमारे देश का राष्ट्रगान “जन गण मन” है जबकि राष्ट्रीय गीत “ वन्दे मातरम “ है

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